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एक प्यार ऐसा भी - कांटेस्ट

Posted On: 10 Feb, 2014 Others,Contest में

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यह कहानी बिलकुल फ़िल्मी लगती है पर है बिलकुल सच्ची|मुझे पता है आपको इसे पढ़ कर यकीन नहीं होगा पर यह एक सत्य कथा है :
मैं ऍम.अ. पास करने के बाद एक संस्था में पढ़ाने लग गयी |उस संस्था में मेरी एक सहकर्मी ने अपनी एक सहेली कांता कि कहानी बतायी |जिसे सुनके हमे किसी को विस्वास नही हुआ|पर जब उसने कान्ता और उसके परिवार से हमे मिलाया तो हम हैरान हो गये |
कांता नावल बहुत पढ़ती थी | फिल्मे देखना उसे बहुत पसंद था | अपने भावी पति के लिए उसने काफी सपने बुन रखे थे | बी.अ.करने के बाद उसकी सगाई हो गयी| ६ महीने बाद शादी तय हो गयी | उसे तो जैसे कोई खजाना ही मिल गया हो| फ़िल्मी हीरोइनों कि तरह वो सपने बुनने लगी व प्रेम करने लगी |वो हमेशा सपने में ही खोई रहने लगी |उदत्ते ,बैठते,खाते, पीते हर वक़्त उसका मंगेतर उसके साथ उसके सपनो में रहता |उन दिनों टेलीफ़ोन नही था, पत्र लिखने का चलन था |कभी वो पत्र लिखने बैठ जाती ,कभी फिल्मो कि तरह सपनो में अपने प्रियतम के साथ नृत्य करती |कभी ख्वावों में ही दुल्हन सी सज जाती |इस तरह ५ महीने पंख लगा कर ही उड़ गये |कांता कि शादी को एक ही महीना बचा था |कि अचानक घर मैं अफरा तफरी मच गयी|सब सदमे में आ गये |आखिर क्या हुआ |अरे कांता पागल हो गयी | माँ चिलाने लगी फिल्मों नावलों ने दिमाग खराब कर दिया लड़की का |अब क्या होगा |दादी ने पूछा कोई मुझे भी तो बताये क्या हुआ |माँ जी कांता पागल हो गयी है|दुल्हन सा सिंगार कर जय माला हाथों में लिए खड़ी कहती है देखों मेरा दूल्हा आ गया है |माँ जी थोड़ी देर बाद सो गयी | अचानक उठी बोली मुझे वो मगलसूत्र पहना रहे है | कबि आईने के आगे खुद को निहारती रहती है \ माँ जी लड़की तो पागल हो गयी |माजी बोली डाक्टर को दिखाओ|डाक्टर को दिखाने पर कहा कि यह ज्यादा सपने देखने के कारन मानसिक संतुलन खो बैठी है |अब क्या होगा |माँ जी ने अपने बेटे से कहा इसके ससुराल खबर दे दो देखते है क्या होता है |दो दिन बाद कांता के सास,ससुर और मंगेतर आ गये | उन्होंने सारी बात सुनी और वो कांता से मिले| तब वे बोले जी अब हम इसका क्या करेगे एक पागल को कौन झेलेगा |यह रिश्ता हम यहीं तोड़ते है | आप हमारी बात समझ रहे है ना |कांता के परिवार वाले चुप खड़े रहे |सच ही तो था एक पागल से कोण शादी करेगा |एक सन्नाटा सा छ गया |तभी कांता का मंगेतर बोला मैं अबी भी इसी से ही शादी करुगा |इतना प्यार किया इसने मुझे कि खुद ही पागल हो गयी \मैं इसका हाथ थामूंगा |माँ बाप ने बहुत समजजय पर वो नही माना|मैं इसे जयमाला पहनाओगा| इसके ही मगलसूत्र बांधुगा | और फिर वो लड़का उसे ब्याह कर ले गया | सब हैरान थे और नतमस्तक भी सोच रहे थे क्या प्यार ऐसा भी होता है |

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deepakbijnory के द्वारा
February 15, 2014

THESE ARE EXCEPTIONAL CASES YOU CAN NOT DEFINE IT AS LOVEI


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