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अच्छी चीज़ - CONTEST

Posted On: 30 Jan, 2014 Others,Contest में

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अपनी भाभी के साथ मैं मैटरनिटी हॉस्पिटल गयी | वहाँ मेरी सहेली निमिता अपने पति और सास के साथ मिली | उसका नौवां महीना चल रहा था वो बहुत खुश थी|
मैंने उसे पुछा दूसरा बच्चा है | तब वो थोडा उदास हो कर बोली नही पहला ही है | मेरे तीन केस खराब हो चुके है | उसने बताया गर्भधारण में उसे कई मुश्किले आ रही थी | उसका पहला बच्चा जन्म लेते ही गुजर गया | उसके दिल में छेद था जिस कारण डॉक्टर उसे बचा नही पाये | उसके दूसरा और तीसरे बच्चे ने कोख में ही दम तोड़ दिया | फिर वह उदास सी रहने लगी | माँ सुनने के लिए वो तरस रही थी | अपनी ममता किसी पर लुटाने को बेचैन थी | | भगवान् कि कृपा उस पर हुई,उसे फिर दिन चढ़ गये थे | अबकी बार उसने स्वस्थ बच्चा हो इसके लिए कई मांनते मांग रखी थी | बेटा हो या बेटी कोई परवाह नही थी उसे तो बस माँ बनना था | इसके लिए वो व्रत भी कर रही थी | पति पत्नी अबकी बार बहुत सावधान थे | मैंने पुछा डॉक्टर अब क्या कह रही है | तब वह बोली अभी तक तो सब ठीक है ,आगे भगवान् कि मर्जी |मैंने कहा हौंसला रख आगे भी सब ठीक होगा | अचानक तभी उसका मोबाइल गिर कर टूट गया | उसने अपने पति से कहा मुझे कोई अच्छा सा मोबाइल दिला दीजिये,जिसमे सारी सुविधाये हो | खास कर कैमरा और विडिओ जिस से वो अपने बच्चे का हर पल संजों सके | तभी उसकी सास बीच में बोली हाँ बहु ले देगे तू ‘अच्छी चीज़ ‘ पैदा कर तुझे अच्छा सा महंगे वाला मोबाइल दिला देगे | तब निमिता बोली हां जी मम्मी जी इस बार अच्छा स्वस्थ बच्चा हो जाये जो मुझे माँ माँ और आपको दादी कहे कहे | तब सासु माँ बोली “अच्छी चीज़” से मेरा मतलब स्वस्थ कोई भी बच्चा नही बल्कि “अच्छी चीज़” मतलब “लड़का”| नमिता ने हैरानी से सासु जी की तरफ देखा व गहरी साँस ली, और बोली हूँ …………..,”अच्छी चीज़” ……|||

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
February 12, 2014

सुन्दर आभार मदन कभी इधर भी पधारें

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
February 1, 2014

sach me is mansikta ne kaliyon ko khilne se pahle hi kuchal daalaa hai .marmik laghu-katha .aabhar

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
February 1, 2014

बधाई रीताजी ,समाज की सोच में काफ़ी परिवर्तन आया है ,पर आज भी आपकी कहानी कई लोगों की आपबीती है .सादर , निर्मल


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