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CONTEST हिंदी ब्लोगिंग -साथ निभाया मेरा

Posted On: 29 Sep, 2013 Others,Contest,Celebrity Writer,Entertainment में

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हिंदी ब्लोगिंग पर कुछ पंक्तिया

मैं हिंदी
लगा मुझे कहीं खो गयी मैं
दब गयी थी मेरी आवाज
भूल गये मुझे मेरे ही अपने
खो गये कहीं मेरे ही सपने
फिर अचानक हिंदी ब्लोगिंग आई असित्तव में
हिंदी ब्लोगिंग ने किया चमत्कार
दिलाया वापिस मुझे मेरा सम्मान
हर ओर मेरे चाहने वाले बढने लगे
इन्टरनेट ट्वीटर हो जा कोई और ब्लॉग
अपनी मातर भाषा में ही अपनी बात कहने लगे
परिवर्तनों के इस दौर में
हिंदी ब्लॉग्गिंग ने मेरा पूरा साथ निभाया
भारत में ही नही विदेशो में भी मुझे
मेरा भाई बन्धुओ से मिलवाया
तरस गये थे जो कभी हिंदी बोलने को
उन्हें अपने विचार साँझा करने का एक मंच दिखाया
दूर बैठे हिंदी भाषी
याद मुझे करने लगे
हिंदी ब्लॉग्गिंग के द्वारा अपने विचार व्यक्त करने लगे
मुझे आसमान की बुलंदी तक पहुचाया
हिंदी ब्लोगिंग ने मेरा मान सम्मान बढ़ाया |

हिंदी ब्लॉग्गिंग ने मुझे आवाज दी-जन जन तक मैं पहुचने लगी
हिंदी ब्लॉग्गिंग ने मुझे पंख दिए -आसमा में मै उड़ने लगी
हिंदी ब्लॉग्गिंग ने मुझे साँसे दी – नव जीवन जीने लगी
हिंदी ब्लोगिंग ने मुझे नये रंग दिए – इन्दर धनुष बुनने लगी
जागरण जंक्शन पर आ कर देखो मेरा विस्तार
हजारों लिखने वाले लाखो पढने वाले
करते मेरा आदर सत्कार
बड़ाई मेरी आन वान शान
हिंदी ब्लोगिंग ने ही बढ़ाया मेरा सम्मान

डरीडरी थी मैं सोचने लगी
अब तो सपने मेरे टूट गये
मैं तो कैद हो गयी बस चार दिवारी में
बन के रह गयी भाषा मैं बुजर्गो की
न मेरी जरूरत कहीं और रही

पर आज की युवा पीढ़ी ने
है मुझ को अहसास दिलाया
भूले नही हम तुझे
तुझी से है जिंदगी का सरमाया
मुझे मेरे बच्चो ने कभी जननी तो
कभी गंगा जैसे शब्दों से बुलाया
बोले वो कुछ इस तरह
हिंदी में जन्मे
हिंदी में ही मौत को गले लगाया
जन्म के बाद माँ शब्द हिंदी में ही था
जो दिल ने था पुकारा
मौत के वक़्त भी राम राम का था सहारा
अंग्रेजी तो भाषा है दफ्तरी
अपनाना उसे हमारी है मजबूरी
जिस दिन दफ्तरी कामो में तू आ जाएगी
अंग्रेजी से कर लेगे किनारा
तुझपे ही कर देगे न्योछावेर जीवन सारा
तू फ़िक्र ना कर माँ
एक दिन हिंदी ब्लोगिंग ऐसी क्रांति लायेगा
सब तरफ तेरा नाम होगा
छोटा बढ़ा हर इंसान
तेरे आगे शीश झुकायेगा
फिर कोई विदेशी भाषा
तेरे आगे ना टिक पायेगी
हिंदी बलोगिंग द्वारा
हम यह क्रांति लायेगे
माँ तुझे हम सर्वव्यापी बनायेगे
माँ तुझे हम जन जन तक पहुचायेगे
माँ तुमे हम जन जन की आवाज बनायेगे

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yatindranathchaturvedi के द्वारा
October 2, 2013

बेहतरीन, बधाई

October 1, 2013

सुन्दर vichar

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
October 1, 2013

ऋतु जी कविता में हिंदी की ब्यथा सजीव हो रही है बधाई  ,,,,,, ओम ..शांति ..शांति ..शांति

Sushma Gupta के द्वारा
September 29, 2013

ऋतू जी , ”हिंदी- ब्लोगिंग ” पर लिखी आपकी रचना अति सार्थक एवं वेहतरीन है, जो पाठको को हिंदी -ब्लोगिंग के महत्त्व को दर्शाने में पूर्णतः सक्षम है, इसके लिए वधाई व् आभार..

    Ritu Gupta के द्वारा
    September 30, 2013

    प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया सुषमा जी अपना स्नेह ब्नेये रखे


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